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Chotu dada ke kahani

छोटू की कहानी-छोटू की शादी


छोटू की कहानी बहुत ही निराली है. छोटू का नाम छोटू इसलिए पड़ा क्योंकि उसका कद छोटा था. छोटू को लोग चिड़ाने के लिए छोटू बोलने लगे. छोटू अच्छा इंसान था इसलिए उसने चुपचाप इस नाम को स्वीकार कर लिया. उसका कद छोटा था लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था. छोटू को उसके कस्बे में सब जानते थे क्योंकि किसी की कोई मुश्किल हो छोटू उस मुश्किल को हल करने को तैयार. 


छोटू सबकी परेशानी दूर करने में सबसे आगे रहता. कमजोर के लिए लड़ता और गलत के खिलाफ बोलता. छोटू का कद छोटा था लेकिन उसकी दिलेरी ऐसी कि बड़े से बड़ा आदमी उससे डरता. छोटू के कारनामे आए दिन अखबारों में आते. लोग उसके पास अपनी परेशानी लेकर जाते और वह उन परेशानियों का हल निकला देता. 

धीरे—धीरे लोगों के मन में उसके लिए सम्मान बढ़ता गया और छोटू को लोग छोटू दादा कहने लगे. छोटू दादा की कहानियां लोग अपने बच्चे को सुनाते और बताते की अच्छा इंसान कैसे बना जाता है. छोटे कद के छोटू दादा शहर में मशहूर हो गए. उनका काम धंधा भी खूब जम गया और अच्छे पैसे आने लगे तो उनके मन में आया कि अब शादी करके घर बसा लिया जाए. ऐसे तो बहुत सी लड़कियां छोटू दादा से शादी करने को तैयार थी लेकिन छोटू दादा ऐसी लड़की से शादी करना चाहते थे जो उनके पैसे से नहीं उनसे प्यार करती हो.

इस शहर में ऐसा होना मुश्किल था सो छोटू दादा अपने लिए लड़की खोजने के लिए दूसरे शहर में आ पहुंचे और एक दुकान में छोटी सी नौकरी कर ली. नौकरी के दौरान वह ऐसी लड़की की खोज में रहते जो नेक हो और उनकी ही तरह दूसरों की सहायता करने का काम करती हो. अक्सर पत्नी अगर अपने मिजाज की न मिले तो आदमी को अपने पसंदीदा काम से दूर होना पड़ता था. कुछ समय गुजरा और छोटू दादा को कोई ऐसी लड़की नहीं दिखाई दी जो उनकी ही तरह नेक और दूसरो की परेशानी में काम आती हो.



छोटू दादा की कहानी यहीं खत्म हो जाती अगर उस दिन दुकान पर एक लड़की से उनका सामना न होता. उनकी दुकान पर एक लड़की रोज का राशन खरीदने आई थी. उसके पास मुश्किल से इतने ही पैसे थे कि वह अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी खरीद सके. दुकानदार ने छोटू को सामान तौलने को कहा और अपने काम में लग गया. तभी वहां एक गरीब बूढ़ा आदमी आया और खाने के लिए कुछ मांगने लगा. दुकानदार ने उसे दुत्कार कर उसे भगा दिया. वहां और भी लोग खड़े थे लेकिन किसी ने उस बूढ़े आदमी की मदद नहीं की. 

यह सब हो रहा था तभी उस लड़की ने छोटू से कहा कि वह सामान देने के बजाय उसके पैसे के बदले उस बूढ़े आदमी को कुछ खाने के लिए कुछ दे दे. छोटू दादा ने देखा कि सामान्य से दिखने वाली उस लड़की का दिल बहुत सुंदर है. बस फिर क्या था छोटू दादा ने उसके बारे में पता किया और छोटू दादा की शादी उस लड़की से हो गई.

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